मेरी बहन को मुझसे चुदकर चुदाई की लत लग गयी Part 8 – Chudai Ka Maja

दीदी की गांड चुदाई की कहानी में पढ़ें कि अपनी बहन को कई बार चोद चुका था. अब मैं आपा की गांड मारना चाहता था. जब मैंने नंगी बहन की गांड में उंगली लगायी तो …

कहानी के पिछले भाग
मेरी आपा मेरे सामने दूसरे मर्द से चुदी
में आपने पढ़ा कि मेरी आपा को मेरे सामने ही एक गैर मर्द से चुदना पड़ा था.
इस चुदाई के बाद हम दोनों घर आ गए.

अब आगे दीदी की गांड चुदाई की कहानी:

घर आकर देखा तो अम्मी घर पर थी.
हमारे जाते ही उन्होंने सवालों की झड़ी लगा दी तो आपा ने बात संभाल ली.

लेकिन जसवंत से चुदाई की वजह से आपा थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी.
तो अम्मी ने पूछा- क्या हुआ, ऐसे क्यों चल रही है?
आपा ने कह दिया- रास्ते में पैर मुड़ गया, मोच आ गयी.

मैंने भी आपा की हाँ में हाँ मिला दी.
तो अम्मी को यकीन हो गया.

फिर रात का खाना खाकर हम दोनों अपने अपने कमरे में चले गए.

रात को मैं उठकर आपा के कमरे में जाने लगा तो मैंने देखा कि आपा किचन में पानी पीने आई हुई थी.
मैं आपा को देखकर किचन में चला गया.

आपा को पीछे से पकड़कर उनके बूब्स दबाकर मैंने कहा- आपा यार, चुदाई का मन कर रहा है.
तो आपा ने मुझे किस करते हुए कहा- पागल मत बनो. अगर अम्मी ने देख लिया तो दोनों की गांड तोड़ देंगी. चुपचाप अपने कमरे में जाओ, मैं थोड़ी देर में आती हूँ.

मैं आपा को किस करके वहां से चला गया.

रात को लगभग 1 बजे आपा मेरे कमरे में आई और मुझे जगाया.
मेरे उठते ही वे मुझे किस करने लगी तो मैं भी आपा का साथ देने लगा.

उस वक़्त आपा ने 1 झीनी सी टीशर्ट और लोअर पहनी हुई थी.
जैसे ही मैंने उनके बूब्स पर हाथ रखा तो मैं समझ गया कि आपा ने अंदर ब्रा पैंटी नहीं पहनी है.

थोड़ी देर किस करने के बाद हम दोनों के एक दूसरे के कपड़े उतार दिए और एक दूसरे को नंगा कर दिया.
फिर शुरू हुआ चुदाई का एक जोरदार राउंड!

15 मिनट की घमासान चुदाई के बाद आपा मेरे बाँहों में नंगी लेटी हुई थी तो मैंने आपा से पूछा- आपा, आज जसवंत से चुदाई कैसी लगी?
तो आपा शर्म की वजह से मेरे सीने में अपना चेहरा छुपा कर बोली- पहले तो मेरी चूत में लंड जाते ही मेरी जान निकल गयी क्यूंकि उस कुत्ते का लंड बहुत बड़ा था. लेकिन थोड़ी देर बाद मेरी चूत को उसके लंड की आदत हो गयी. फिर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्यूंकि जसवंत चुदाई करने में एक्सपर्ट लग रहा था.

फिर मैंने पूछा- आपा अगर वो अपनी गांड में लंड डाल देता तो आपकी तो गांड फट जाती.
तो आपा बोली- हाँ यार, मुझे तो लगा था कि ये मादरचोद आज मेरी गांड मारने लगा तो मैं तो मर ही जाऊंगी. खैर अच्छा हुआ कि उसने गांड नहीं मारी. लेकिन मुझे लगता है कि अगर मुझे उससे दोबारा चुदाई करवानी पड़ी तो तब वो मेरी गांड मारे बिना मुझे जाने नहीं देगा.

तो मैंने कहा- आप एक काम करो ना … आप उसका लंड लेने से पहले ही गांड में मेरा लंड ले लो ताकि आपको ज्यादा परेशानी न हो.
आपा ये सुनते ही बोली- हाँ कमीने, तुम बस हमेशा अपने ही जुगाड़ में रहा करो. शर्म करो मैं तुम्हारी आपा हूँ जिसकी तुम गांड मारने की बात कर रहे हो.

तो मैंने कहा- हाँ मैं जनता हूँ कि आप मेरी आपा हो. मगर वो ही आपा मेरी बाँहों में नंगी पड़ी हुई है.
यह सुनकर आपा ने मेरे सीने में प्यार से मुक्का मारा और मेरे सीने से लिपट गयी.

तभी लेटे हुए मैंने आपा को कसकर अपनी बाँहों में समेट लिया और हाथ पीछे ले जाकर आपा की गांड सहलाने लगा.
आपा भी मेरी मंशा समझ चुकी थी तो उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और मुझे किस करने लगी.

अब आपा इतने जोश में मुझे किस कर रही थी कि आपा की पूरी जीभ मेरे मुंह के अन्दर थी.
जैसे आपने जापानियों की पोर्न फिल्म में देखा होगा कि वो कैसे किस करते हैं, ठीक वैसे ही आपा और मैं किस किये जा रहे थे.

तभी मैंने आपा की गांड में उंगली दे दी तो आपा उचक उठी और मुझसे अलग होती हुई बोली- यार उंगली में इतना दर्द हो रहा हैं तो लंड जब जायेगा तो मेरी गांड अच्छे से फट जाएगी.
तो मैंने आपा को अपने बाँहों में भरा और कहा- मैं अपनी आपा को किसी भी तरह का दर्द नहीं दे सकता. आप चिंता मत करो, मैं आपकी गांड में आराम से लंड डालूँगा. और सोचो कि अगर जसवंत ने आपकी गांड मारने में कोई तरस नहीं दिखाया तो आपकी गांड फटनी तो तय है. मैं कम से कम आराम से तो करूँगा.

तो आपा इस बात पर मान गयी और जोश में बोली- अब चाहे मेरी गांड की माँ क्यूँ न चुद जाये, आज तो मैं गांड मरवाकर रहूंगी.

आपा के मुंह से ये सुनकर मैं हंस दिया और नंगी आपा को अपने ऊपर ले लिया.
उनके प्यारे बूब्स मेरी छाती में दबे हुए थे.

अब मैं आपा के चूतड़ों पर थप्पड़ मार रहा था.
फिर आपा मुझे किस करती हुई नीचे जाने लगी और मेरे लंड अपने मुंह में ले लिया, चूसना शुरू कर दिया.

मैं बस आपा के बाल पकड़कर आपा के मुंह की चुदाई करने लगा.
आज मैं खुद को बहुत खुशनसीब समझ रहा था कि मेरी आपा जैसी माल लड़की नंगी होकर मेरा लंड चूस रही है.

थोड़ी देर में मेरा लंड अपनी औकात में आ गया.
मैंने आपा को घोड़ी की तरह बनने को कहा.

तो आपा बिना कुछ कहे घोड़ी बन गयी.
फिर मैंने अपने दांत आपा की पीठ पर चुभाने शुरू कर दिए.

आपा के मुंह से बस ‘आअह ह्हह उफ सलीम बहनचोद आआह मेरी जान चोद दे … अपनी आपा को मादरचोद आआह ह्हह मेरे सैयां उफ जानू!’ और पता नहीं वो क्या क्या बोले जा रही थी.
फिर मैंने मेरा लंड आपा की गांड के छेद पर रखा तो आपा ने कहा- कमीने कुछ तेल तो लगा ले वरना तुम्हारी आपा की गांड फट जाएगी.

तो मैंने उठकर कोल्ड ड्रीम ली और ढेर सारी क्रीम आपा की गांड के छेद में भर दी और अपने लंड पर भी लगा ली.
मैंने इतनी सारी क्रीम लगा दी कि अब मेरे लंड मेरे हाथ में रुक ही नहीं रहा था, वो बार बार फिसल रहा था.

थोड़ी देर बाद मैंने लंड गांड के छेद पर रखा और धक्का दिया तो मेरा लंड फिसल गया.
मैंने फिर कोशिश की.

इस बार मेरा टोपा आपा की गांड में घुस गया. टोपा घुसते ही आपा आगे को हो गयी और उनके मुंह से जोर की चीख निकली- आईई ईईईई ईईईईई बहनचोद फाड़ दी मेरी गांड … बहन के लोड़े आआह ह्हह निकाल इसे मेरी गांड से चूतिये … आआह ह्हह मर गयी अम्मी!

तो मैंने कहा- आपा मेरी जान, अभी तो सिर्फ टोपा ही गया है, लंड तो बाहर है.
वो बोली- मेरी जान के वास्ते निकाल लो इसे!

पर मैंने अनसुना करके आपा को धक्का देकर आगे लेटा दिया और मैंने लंड को ज़रा भी नहीं हिलाया.

अब आपा पेट के बल लेटी हुई थी और मेरा लंड का टोपा उनकी गांड में था.
थोड़ी देर बाद मैंने धीरे धीरे धक्के देने शुरू कर दिए तो आपा को दर्द तो हो रहा था मगर वो अब विरोध भी नहीं कर रही थी.
फिर मैंने 1 झटके में पूरा लंड आपा की गांड में डाल दिया.

गांड में लंड जाते ही आपा की जोर से चीख निकली जिसे सुनकर मेरी गांड फट गयी.
मुझे लगा कि आज अम्मी को पता चल जायेगा.

मैंने आपा का मुंह बंद किया और ऐसे ही पड़ा रहा.
फिर मैंने कहा- यार आपा चुतिया हो क्या? इतनी जोर से चीख रही हो, अम्मी ने सुन लिया तो दोनों की माँ चोद देंगी.

तो आपा बोली- साले कभी गांड मरवाकर देखना, पता चल जायेगा कि कितना दर्द होता है.
मैंने कहा- अब तो लंड घुस चुका है, अब ज्यादा दर्द नहीं होगा.

तो आपा ने कहा- अभी धक्के मत देना, बस ऐसे ही लेटे रहो.

मैंने अपना पूरा वजन आपा की पीठ पर डाल दिया और उनसे चिपटकर उनके ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर बाद आपा ने कहा- चलो अब धीरे धीरे धक्के देने शुरू करो.
तो मैंने धक्के देने शुरू कर दिए.

तो अब आपा के मुंह से आःहहह अहह्ह हहह की सिसकियां निकल रही थी जो मेरा जोश बढ़ा रही थी.

मैंने आपा की गांड में जोर जोर से धक्के शुरू कर दिए.
अब आपा की सिसकारियाँ दर्द में बदल चुकी थी मगर वो मुझे रोक भी नहीं रही थी.

मैंने अपना 1 हाथ आगे ले जाकर की चूत में उंगली करनी शुरू कर दी जिससे आपा अपने आपे से बाहर होने लगी.
मुझे आपा को ऐसे चोदने में बहुत मज़ा आ रहा था.

लगभग 10 मिनट की दीदी की गांड चुदाई के बाद मैंने मेरे लंड का पानी आपा की गांड में अंदर ही डाल दिया.
और मैं ऐसे ही आपा की पीठ से चिपक कर सो गया.

आपा और मैं दोनों सो चुके थे.

सुबह जब मैं उठा तो मैंने देखा कि मेरे ऊपर चादर पढ़ी हुई थी और आपा जा चुकी थी.

फिर सारा दिन ऐसे ही निकल गया.

अब शाम को फिर से आपा मेरे कमरे में आई और बोली- यार, कल फिर उस जसवंत से चुदने जान पड़ेगा. तुम कुछ तरीका निकालो, मुझे उससे नहीं चुदना. और गांड तो बिल्कुल भी नहीं मरवानी!
तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया.
मैंने कहा- आपा आप अपने बॉयफ्रेंड से रूपए मांग लो ना … वो दे देगा क्यूंकि आपने बताया था उसके पास बहुत पैसा है.

तभी आपा ने कहा- हाँ यार, मैं तो विशाल से भी रुपए ले सकती हूं. यह आईडिया मुझे पहले क्यों नहीं आया, बिना वजह मुझे उस चूतिये जसवंत से मुझे अपनी चूत चुदवानी पड़ी.
यह कहकर आप मेरे गले लगकर और मुझे किस करके थैंक यू बोला.

फिर उन्होंने अपना फोन निकाला और विशाल को फोन लगाया.
वो विशाल से बोली- जानू मुझे थोड़े पैसों की जरूरत है, क्या तुम दे सकते हो?

तो उधर से विशाल ने कहा- मेरी जान, कितने रुपए चाहियें … बोल?
आपा ने कहा- मुझे ₹ 25000 की अर्जेंट जरूरत है और वह रुपए मुझे आज के आज चाहियें. तुम दे सकते हो या नहीं, यह बताओ?
विशाल ने कुछ सोचते हुए कहा- मैं कल दोपहर तक इंतजाम करता हूं.

यह सुनकर आपा के चेहरे पर खुशी आ गई.
विशाल ने उससे कहा- मेरी जान इसके बदले में मुझे क्या देगी?
तो आपा ने कातिलाना हंसी हंसते हुए कहा- जो तुम्हें चाहिए, वह दे दूंगी,
यह सुनकर विशाल ने कहा- मेरी जान, तेरी चूत मारने का बहुत मन कर रहा है.

तो आपा शर्मा गयी क्यूंकि फ़ोन स्पीकर पर था.
फिर उन्होंने कहा- जानू, मेरी चूत तो तुम्हारे लिए ही है, जब मन करे तब आ जाना.

तो विशाल ने कहा- मैं कल ही तेरे घर आता हूं, मैं तेरी चुदाई करूंगा.
आपा ने उसको कहा- कल नहीं परसों आना क्योंकि अभी मेरे पीरियड्स चल रहे हैं.
यह सुनकर विशाल ने कहा- ठीक है, मैं भी अपने लंड को तैयार कर लेता हूं. परसों तेरी चुत की चुदाई करूंगा.

आपा ने थोड़ी देर से बात की और फोन रख दिया.
अब हम दोनों भाई बहन की टेंशन खत्म हो गई थी क्योंकि हमें कल रुपए मिलने वाले थे.

मैंने आपा से कहा- चलो, इसी खुशी में चुदाई करते हैं.
आपा ने कहा- नहीं यार, मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा है. आज हम चुदाई नहीं करेंगे.

तो मैंने आपा को कहा- यार आपा, अभी मेरा लंड खड़ा हो रहा है, कुछ तो करो.
आपा ने मेरा पजामा उतार कर लंड मुंह में ले लिया और चूसना शुरू कर दिया.

5 मिनट बाद ही मेरा सारा पानी आपा के मुंह में निकल गया जिसे आपा ने पी लिया और मेरा लंड चाट कर साफ़ कर दिया.

फिर आपा अपने कमरे में चली गयी और मैं भी सो गया.

दीदी की गांड चुदाई की कहानी पर अपने विचार मुझे पर लिखें.
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दीदी की गांड चुदाई की कहानी का अगला भाग: मेरी बहन को मुझसे चुदकर चुदाई की लत लग गयी- 9

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